नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान गुरुवार को लोकसभा में एक अनोखी स्थिति तब पैदा हो गई, जब भाजपा के वरिष्ठ सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सदन की गरिमा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा उठाया। बिना नाम लिए उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक सांसद पर लोकसभा के भीतर ई-सिगरेट (वेप) पीने का आरोप लगाया। ठाकुर ने कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्य नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं और सदन के अंदर ई-सिगरेट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
अनुराग ठाकुर की बात पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी कड़ा रुख अपनाया। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि संसद परिसर में ऐसे किसी भी कृत्य के लिए जगह नहीं है, न ही कोई नियम या परंपरा इसकी अनुमति देता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायत औपचारिक रूप से सामने आती है और आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित सांसद पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उधर, भाजपा सांसद के आरोपों पर टीएमसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा कि संसद में अनुशासन बनाए रखने के लिए पहले से ही नियम मौजूद हैं और संबंधित अधिकारी इसकी देखरेख करते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अनुराग ठाकुर कोई ‘गुरु’ नहीं हैं कि उनकी हर बात को मान लिया जाए। इस मुद्दे पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार तेज हो गई।
इसी बीच, बाहर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी रही। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के पिछले दिन के भाषण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शाह सदन में “घबराए हुए” नजर आए और उन पर मानसिक दबाव साफ दिख रहा था, यहां तक कि उनके हाथ भी कांप रहे थे। राहुल गांधी का आरोप था कि गृह मंत्री ने गलत भाषा का प्रयोग किया और विपक्ष के सवालों का कोई ठोस जवाब या सबूत प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अमित शाह को प्रेस कॉन्फ्रेंस पर चर्चा की खुली चुनौती दी थी, लेकिन उनकी बात का कोई जवाब नहीं मिला।